संगठनात्मक सफर

संगठन से संस्कार, जनसेवा से पहचान

यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि संजय श्रीवास्तव के पैंतीस वर्षों के सार्वजनिक जीवन का सार है।

कहानी शुरू होती है वर्ष 1990 से, जब एक युवा इंजीनियर ने नौकरी और करियर के बजाय राष्ट्रसेवा का मार्ग चुना। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा से मिले संस्कार और भारतीय जनता पार्टी के संगठन से मिली दिशा ने उन्हें जमीनी कार्यकर्ता के रूप में गढ़ा।

गली-मोहल्लों में पोस्टर लगाना, बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को जोड़ना, युवाओं के बीच संवाद करना – यहीं से उनकी राजनीति की पाठशाला शुरू हुई। युवा मोर्चा के जिला महामंत्री से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक, फिर भाजपा के प्रदेश मंत्री, बारह वर्षों तक प्रदेश प्रवक्ता और प्रदेश महामंत्री तक का सफर उनकी निष्ठा और परिश्रम की गवाही देता है।

संगठन के साथ-साथ उन्होंने जनता का विश्वास भी जीता। रायपुर नगर निगम में तीन बार पार्षद चुने गए, स्पीकर बने और रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में शहर की तस्वीर बदलने में भूमिका निभाई।

आज जब वे छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अध्यक्ष के रूप में प्रदेश की खाद्य सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, तो उनका एक ही संकल्प है – अंतिम व्यक्ति तक अन्न और सम्मान पहुंचे।

संघर्ष से शिखर तक

संजय जी की जीवन यात्रा किसी फिल्मी कहानी जैसी नहीं, बल्कि एक कार्यकर्ता की तपस्या जैसी है।

1996 में जब वे भाजयुमो रायपुर के जिला महामंत्री बने, तो संगठन के पास संसाधन कम थे, लेकिन हौसले बुलंद थे। वे साइकिल से बैठकों में जाते, रात-रात भर कार्यकर्ताओं की सूची बनाते। 1998 में जिला अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने युवाओं को बूथ प्रबंधन सिखाया।

2007 में भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष बनना उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट था। पूरे छत्तीसगढ़ का दौरा कर उन्होंने हजारों युवाओं को भाजपा से जोड़ा। इसके समानांतर 1999 में वे पहली बार पार्षद चुने गए — जनता ने उनके काम पर मुहर लगाई।

2011 से 2023 तक बारह वर्षों तक प्रदेश प्रवक्ता के रूप में उन्होंने टीवी डिबेट से लेकर प्रेस वार्ता तक में पार्टी का पक्ष पूरी दृढ़ता से रखा। विरोधियों के तीखे सवालों का जवाब वे तथ्यों और शालीनता से देते थे, जिससे वे मीडिया में भी विश्वसनीय चेहरा बने।

संगठनात्मक यात्रा

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जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक सफर
खेलों से पुराना नाता
उपलब्धियां और सार्वजनिक जीवन

 

1999–2004 में काली माता वार्ड से पहली बार पार्षद बने तो उन्होंने नाली-सड़क जैसे बुनियादी मुद्दों से काम शुरू किया।

2004–2009 में नेताजी सुभाष चंद्र वार्ड और 2009–2014 में शंकर नगर वार्ड से जीतकर उन्होंने हैट्रिक लगाई। इसी कार्यकाल में वे नगर निगम रायपुर के स्पीकर बने और सदन की गरिमा बढ़ाई।

2015–2018 में अध्यक्ष, रायपुर विकास प्राधिकरण के रूप में उन्होंने शहर के सुनियोजित विकास पर जोर दिया।

 

खेलों से उनका पुराना नाता है। वे स्वयं स्कूल और कॉलेज क्रिकेट टीम के खिलाड़ी रहे।

आज रायपुर हॉकी एसोसिएशन, शेरा क्रीड़ा समिति और एथलेटिक्स क्लब के अध्यक्ष के रूप में वे नई प्रतिभाओं को मंच दे रहे हैं।

 

उनकी उपलब्धियां शोर नहीं मचातीं, बल्कि धीरे-धीरे असर छोड़ती हैं।

प्रदेश प्रवक्ता के रूप में बारह वर्षों तक पार्टी की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाना, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में शहरी विकास को गति देना, नगर निगम स्पीकर के रूप में लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करना और भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष के रूप में युवाओं की एक सशक्त पीढ़ी तैयार करना — यही उनकी पूंजी है।

आज सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष के रूप में उनका लक्ष्य सार्वजनिक वितरण प्रणाली को पारदर्शी और भ्रष्टाचारमुक्त बनाना है।

अध्यक्ष
छत्तीसगढ़ स्टेट सिविल सप्लाइज कॉर्पोरेशन

प्रदेश महामंत्री
भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़

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